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Monday, January 10, 2011

संता बंता के किस्से

संता और बंता एक होटल में खाना खाने गये। संता ने आर्डर दिया और बैरे ने उन्हें खाना लाकर दिया।जैसे ही बैरे ने बंता को देखा वह आश्चर्य से बोला - अरे बंताजी आप । फिर वह होटल में मौजूद अन्य लोगो से बोला - अरे देखो आज हमारे होटल में बंताजी खाना खाने आये हैं।होटल का मैनेजर भी बंता को देखकर बहुत खुश हुआ और उसने बंता से हाथ मिलाया।

"तुम तो काफी मशहूर हो" - संता ने खाना खाते खाते बंता के कान में फुसफुसाया।
"मैं दुनिया का सबसे प्रसिद्ध आदमी हूँ" - बंता ने बताया ।
"नहीं यार-अब इतने भी मत बनो । ये कुछ लोग तुम्हें जानते हैं इसका मतलब यह नहीं कि तुम दुनिया के सबसे प्रिसद्ध व्यक्ति हो " संता ने कहा ।
"हाँ.. ये सच है। तुम सिर्फ नाम बताओ । ऐसा कौन है जो मुझे नहीं जानता हो " - बंता ने जवाब दिया।
"अच्छा - मैं दस हजार की शर्त लगाता हूँ  कि मुख्यमंत्री तुम्हें नहीं जानता होगा" - संता ने कहा ।
"ठीक है चलो" - बंता ने कहा और अगले ही दिन वे राजधानी पहुंच गये। वहाँ पहुंचने पर संता ने देखा कि मुख्यमंत्री ने बंता को देखते ही पहचान लिया और गले लगाया। फिर दो दिन मुख्यमंत्री के घर मेहमाननवाजी कराने के बाद वे घर लौट आये।

"मैंने कहा था न कि मैं दुनिया का सबसे प्रसिद्ध आदमी हूं। अब तो मानते हो ?
"नहीं" । हिन्दुस्तान का प्रधानमंत्री तुम्हें बिलकुल नहीं जानता होगा । अगर वह जानता हो तो मैं दुगने पैसे दूंगा।"
अगले ही दिन वे दिल्ली में थे। प्रधानमंत्री बड़ी बेतकल्लुफी से बंता से मिले । बोले - - "कहाँ रहते हो बंता यार । तुम्हें देखे हुये तो जमाना बीत गया।"
फिर तीन दिनो तक प्रधानमंत्री के साथ गोल्फ खेलकर वे घर लौट आये।संता हैरान था पर हार मानने को तैयार नहीं था।
- "मैं एक एक लाख रूपये देने को तैयार हूं अगर अमिताभ बच्चन तुम्हें पहचान ले तो।"
- "ठीक है । जैसी तुम्हारी मर्जी ।"
 अगले दिन वे मुम्बई में अमिताभ बच्चन के घर पहुंचे। बंता ने संता से बाहर लॉन में खड़े रहने को कहा और खुद अंदर चला गया। थोड़ी देर बाद संता ने देखा कि अमिताभ बच्चन और बंता बाहो में बाहें डाले बालकनी में आ रहे हैं। बंता ने संता की ओर देखा और हाथ हिलाया। इसके बाद संता बेहोश होकर गिर पड़ा। बंता दौड़कर नीचे आया और पानी के छींटे देकर संता को होश में लाने की कोशिश करने लगा।
-" संता, संता तुम्हें क्या हुआ ? उठो।"
संता ने धीरे से आंखें खोलीं और कहा - बंता तुम सचमुच दुनिया के सबसे प्रसिद्ध आदमी हो।
-" मैंने तुमसे कहा था न पर तुम ही नहीं मानते थे। खैर ये बताओ कि जब मैं तुम्हें मुख्यमंत्री के घर ले गया तब तुम बेहोश नहीं हुये, प्रधानमंत्री के घर ले गया तब तुम्हें कुछ नहीं हुआ फिर अब ऐसा क्या हुआ  कि तुम गिर पड़े ?"
संता ने धीरे से बताया - "जब तुम ऊपर अमिताभ बच्चन के साथ बालकनी में खड़े थे, तो एक आदमी जो मेरे बगल में खड़ा था उसने मुझसे क्या कहा जानते हो ? " "क्या कहा ?" - बंता ने पूछा
"उसने कहा" - संता ने बताया - "वह कौन है जो बंता जी के साथ ऊपर बालकनी में खड़ा है।"

Friday, June 19, 2009

वेरी फास्ट! मेड इन इंडिया

# PK @ Mon, Dec 17, 2007 at 8:41 PM

एक जापानी पर्यटक भारत की सैर पर आया हुआ था।

आखिरी दिन एयरपोर्ट जाने के लिए टैक्सी ली और ड्राइवर बन्ता सिंह से चलने को कहा।

यात्रा के दौरान एक 'होण्डा' बगल से गुज़र गयी। जापानीज़ ने उत्तेजित होकर खिड़की से सिर निकाला और चिल्लाया - "होण्डा‚ वेरी फास्ट! मेड इन जापान!"

कुछ देर बाद एक 'टोयोटा' तेज़ी से टैक्सी के पास से गुज़र गयी‚ और फिर जापानी बाहर झुका और चिल्लाया, "टोयोटा‚ वेरी फास्ट! मेड इन जापान!"

और फिर एक मित्शुबिशी टैक्सी बगल से गुज़री। तीसरी बार जापानी खिड़की की ओर झुकते हुए चिल्लाया‚ "मित्शुबिशी‚ वेरी फास्ट! मेड इन जापान!"

बन्ता थोड़ा ग़ुस्से में आ गया मगर चुप रहा। और कई सारी कारें गुज़रती रहीं। आखिरकार टैक्सी एयरपोर्ट तक पहुँच गयी।

किराया 800 रु. बना। जापानी चीखा‚ "क्या? . . . इतना ज़्यादा!"


अब बन्ता के िचल्लाने की बारी थी‚ "मीटर‚ वेरी फास्ट! मेड इन इंडिया।"